शुक्रवार, 6 अप्रैल 2018

बाबा नीम करौली धाम ऋषिकेश

ईश्वर एक रहस्य है. रहस्य के संदर्भ में स्वीकृत तथ्य है कि जब तक वह उद्घाटित नहीं हो जाता, तब तक ही वह रहस्य है. भारत - भूमि को यह गौरव प्राप्त है कि यहां विभिन्न काल खंडों में तमाम तत्व दर्शी महात्माओं की उपस्थिति रही है और उनके सान्निध्य में रहने वाले लोगों को परम सत्ता के साक्षात्कार का अवसर भी प्राप्त हुआ है. वैसे भी, प्रत्येक क्षण जीवन सर्वोच्च की उपस्थित का संकेत देता रहता है. हम इसे महसूस कर सकते हैं, शर्त बस एक है - सम्यक चैतन्यता. विराट को ग्रहण करने की पात्रता गुरु - कृपा के बिना असंभव है. अनुभूति के गहनतम क्षणों में यह सत्य अक्सर आकार ग्रहण करता रहा है, सचमुच -  सोई जानइ जेहि देहु जनाई.......