दुर्वा-सा
बुधवार, 2 फ़रवरी 2022
श्री परमहंस आश्रम, शक्तेशगढ, चुनार
चालत चालत पग थका, नगर रहा नव कोस ।
बीचे में डेरा गिरा , कहौ कौन का दोस ।।
मन युक्ति सों ही रुके , माला टालो लाख।
सद्गुरु प्रेरक आत्मा , मानव का बल खाख ।।
योग अगिनि सद्गुरु कृपा , जागत मन के बीच ।
'अड़गड़' सद्गुरु ना मिला , भजन जल्पना कीच।।
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